Ganeshotsav In Kashmir Valley | आतंकी धमकियों के बावजूद कश्मीर में धूमधाम से मनाया जाएगा गणेशोत्सव (Videos)
कश्मीर घाटी के तीन गणेश मंडलों को पुणे के सम्मान के गणपतियों की प्रतिमाएं सौंपी गईं
लगातार पांचवें वर्ष पुनीत बालन और पुणे के प्रमुख गणेश मंडलों ने की पहल
पुणे : Ganeshotsav In Kashmir Valley | कश्मीर घाटी में सार्वजनिक गणेशोत्सव मनाने वाले कार्यकर्ताओं को इस वर्ष आतंकी संगठनों की ओर से जान से मारने की धमकियां दिए जाने का मामला सामने आया है। इसके बावजूद कश्मीर के गणेश मंडलों के कार्यकर्ताओं ने किसी भी धमकी से न डरते हुए इस वर्ष भी पूरे उत्साह और धूमधाम से गणेशोत्सव मनाने का संकल्प लिया है।
इसी पृष्ठभूमि में पुणे के प्रतिष्ठित गणेश मंडलों की गणपतियों की प्रतिमाएं विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कश्मीर के गणेश मंडलों के पदाधिकारियों को सौंपी गईं। पुणे के युवा उद्यमी पुनीत बालन के साथ शहर के प्रमुख गणेश मंडलों ने लगातार पांचवें वर्ष इस पहल को आगे बढ़ाया है।
कश्मीर के लाल चौक में करीब 34 वर्षों तक बंद रहे सार्वजनिक गणेशोत्सव की वर्ष 2022 में दोबारा शुरुआत हुई थी। इसके बाद पिछले तीन वर्षों से कश्मीर घाटी के विभिन्न क्षेत्रों में श्रद्धा और उत्साह के साथ गणेशोत्सव मनाया जा रहा है। इस वर्ष आयोजन को और अधिक व्यापक स्वरूप देने की योजना बनाई गई है।
इस वर्ष के गणेशोत्सव के लिए पुणे के सम्मान का पहला श्री कसबा गणपति, सम्मान का दूसरा श्री तांबडी जोगेश्वरी गणपति और सम्मान का तीसरा गुरुजी तालीम गणपति की प्रतिमाएं विधिवत पूजा के बाद कश्मीर के गणेश मंडलों को प्रदान की गईं।
प्रतिमाएं स्वीकार करने के लिए कश्मीर से गणेश मंडलों के पदाधिकारी मोहित भान, ऋषभ चाकू, शिशंत चाकू, संदीप रैना, संजीव रैना, हितेश रैना और संदीप कौल उपस्थित रहे।
इस अवसर पर श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति ट्रस्ट के उत्सव प्रमुख एवं ट्रस्टी पुनीत बालन, अलंकार पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उल्हास कदम, गुरुजी तालीम मंडल के प्रवीण परदेशी, तुलशीबाग मंडल के अध्यक्ष विकास पवार, तांबडी जोगेश्वरी मंडल के प्रशांत टिकार और अखिल मंडई मंडल के सूरज थोरात सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
“धमकियों के बावजूद कार्यकर्ताओं का उत्साह सराहनीय” – पुनीत बालन
पुनीत बालन ने कहा, “इस वर्ष कश्मीर के चार से पांच जिलों में सार्वजनिक गणेशोत्सव मनाने की योजना थी। इसी बीच गणेशोत्सव आयोजित करने वाले कार्यकर्ताओं को आतंकी संगठनों की ओर से जान से मारने की धमकियां दी गईं। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने इन धमकियों की परवाह न करते हुए और अपनी जान की चिंता किए बिना गणेशोत्सव मनाने का जो साहस दिखाया है, वह निश्चित रूप से प्रशंसनीय है। उनके इस हौसले की सराहना की जानी चाहिए।”
- पुनीत बालन, ट्रस्टी एवं उत्सव प्रमुख, श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति ट्रस्ट
