Wakad Pune Crime News | फर्जी डेथ सर्टिफिकेट के जरिए जमीन हड़पी! डेवलपमेंट के लिए पुणे के बड़े बिल्डर को दिया, महिला वकील की शिकायत पर दिलीप कलाटे, नंदकुमार कलाटे, संभाजी कदम, प्रदीप निम्हण, नंदकुमार कोकाटे, पांडुरंग पारखे और डॉ. तुषार चौधरी पर केस दर्ज

Pune Crime News | Woman cheated of Rs 26 lakhs in the name of investing in children's education before marriage

पुणे : Wakad Pune Crime News | फर्जी डेथ सर्टिफिकेट के जरिए सारी जमीन हड़प ली. इसके बाद इस जमीन के डेवलपमेंट के लिए पुणे के बड़े बिल्डर को देकर इसके जरिए लाखों रुपए प्राप्त करने का आरोप एका महिला वकील ने लगाया है. इस मामले में वाकड पुलिस ने फर्जी डेथ सर्टिफिकेट के मामले में डॉक्टर सहित ७ लोगों पर केस दर्ज किया है. (Cheating Fraud Case)

इस मामले में पुलिस ने दिलीप सोपान कलाटे (नि. ननावरे बस्ती, बाणेर), नंदकुमार सोपान कलाटे (नि. प्रभात रोड), संभाजी सूर्यकांत कदम (नि. पाषाण), प्रदीप प्रभाकर निम्हण (नि. पाषाण), नंदकुमार शंकर कोकाटे (नि. पाषाण), पांडुरंग हरीभाऊ पारखे (नि. पाषाण) और डॉ. तुषार चौधरी के खिलाफ केस दर्ज किया है. (Wakad Police)

इस मामले में एड्. पुजा मारुती कलाटे (उम्र 3६, नि. वाकड) ने वाकड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है. उनकी शिकायत के मुताबिक वाकड में उनकी पिता द्वारा अर्जित जमीन है. उनके पिता मारुती सोपान कलाटे की 3 जून १९९९ को निधन हो गया. पिता की मौत के बाद आर्थिक लाभ के लिए उनके दोनों चाचा दिलीप सोपान कलाटे व नंदकुमार सोपान कलाटे और अन्य ने तुषार चौधरी, प्रदीप प्रभाकर निम्हण, नंदकुमार शंकर कोकाटे, संभाजी सूर्यकांत कदम, पांडुरंग हरीभाऊ पारखे से सांठगांठ कर साजिश रचकर उनके दादा सोपान नाथू कलाटे व दादी भागुबाई सोपान कलाटे के नाम पर फर्जी डेथ सर्टिफिकेट/ इच्छापत्र बनाकर उसके जरिए यह प्रॉपर्टी उनके दोनों चाचा ने आधा आधा बांट लिया.

इस प्रॉपर्टी में से सं. नं. १८६ कुल क्षेत्रफळ १०१ आर जमीन बिल्डर संजय काकडे व अन्य को विकास कुलमुख्यत्यारपत्र व विकास करारनामा के जरिए सब रजिस्ट्रार हवेली १५ में रजिस्टर कर हस्तांतरीत कर उसके जरिए लाखों रुपए का फायदा उठाने का आरोप शिकायतकर्ता ने लगाया है.

इन दोनों डेर्थ सर्टिफिकेट में जिस डॉक्टर का मेडिकल सर्टिफिकेट लगा है. उस डॉक्टर की मेडिकल काउंसिल की वेबसाइट की जांच करने पर पता चला कि उस पर डॉ. तुषार चौधरी का नाम दर्ज नहीं हैृ इस तरह से यह फर्जी होने की शिकायतकर्ता को पता चला. साथ ही डॉ. तुषार चौधरी का मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट की डिग्री की जांच में बी ए एम एंड एस व एम बी बी एस का उल्लेख आहे. इसमें रजिस्टर परमिट नं. आई ८५० लिखा है. डॉ. तुषार चौधरी के पास किसी भी तरह का डिग्री व परमिट नहीं होने के बावजूद उन्होंने खुद को डॉक्टर बताकर इसी तरह का तंदुरुस्ती प्रमाणपत्र देकर तथाकथित डेथ सर्टिफिकेट लगाकर ठगी की. वाकड पुलिस ने केस दर्ज किया है. सहायक पुलिस निरीक्षक अर्जुन पवार मामले की जांच कर रही है.

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