DJ Free Ganeshotsav Pune | पुणे में 200 से अधिक गणेश मंडल ‘डीजेमुक्त गणेशोत्सव’ के लिए एकजुट – पुनीत बालन
पुणे: DJ Free Ganeshotsav Pune | दहीहंडी और गणेशोत्सव के दौरान डीजे तथा तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम के इस्तेमाल को लेकर पुणे में जारी बहस के बीच इस वर्ष शहर के 200 से अधिक गणेश मंडलों ने ‘डीजेमुक्त गणेशोत्सव’ मनाने के लिए साथ आने का फैसला किया है, यह जानकारी श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति मंडल ट्रस्ट के उत्सव प्रमुख पुनीत बालन ने दी.
पत्रकारों से बातचीत में बालन ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पुणे के गणेशोत्सव की पारंपरिक और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना तथा त्योहार के दौरान ध्वनि प्रदूषण से नागरिकों को होने वाली परेशानी कम करना है.
“पिछले वर्ष की तरह इस साल भी कई गणेश मंडलों ने ‘डीजेमुक्त गणेशोत्सव’ मनाने का निर्णय लिया है. पुणे के 200 से अधिक मंडल इस पहल में शामिल हुए हैं. हमारा उद्देश्य पुणे के गणेशोत्सव के पारंपरिक स्वरूप को बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना है कि उत्सव से नागरिकों को परेशानी न हो,” बालन ने कहा.
इधर, दहीहंडी और गणेशोत्सव में डीजे तथा लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर पुणे में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है. कुछ गणेश मंडल और उत्सव से जुड़े संगठन प्रतिबंधों में ढील की मांग कर रहे हैं, जबकि पुणे पुलिस ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज करने वाले साउंड सिस्टम की अनुमति नहीं दी जाएगी.
पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने भी कहा है कि त्योहार मनाने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन ध्वनि प्रदूषण पैदा करने वाले तेज साउंड सिस्टम को अनुमति नहीं दी जाएगी. निर्धारित सीमा से अधिक आवाज पाए जाने पर संबंधित साउंड सिस्टम को तत्काल जब्त करने की चेतावनी भी पुलिस ने दी है.
गणेशोत्सव की तैयारियों को लेकर पुणे महानगरपालिका भवन में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, पुलिस प्रशासन और गणेश मंडलों के प्रतिनिधियों की बैठक भी आयोजित की गई. बैठक में ध्वनि प्रदूषण, यातायात व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा और नागरिकों की सुविधा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई.
पुनीत बालन ने पिछले वर्ष भी ‘डीजेमुक्त गणेशोत्सव’ के पक्ष में स्पष्ट रुख अपनाया था. वर्ष 2025 में उन्होंने घोषणा की थी कि डीजे या अनुचित संगीत का इस्तेमाल करने वाले गणेश मंडलों को पुनीत बालन ग्रुप की ओर से विज्ञापन के जरिए आर्थिक सहायता नहीं दी जाएगी.
इसके बाद इस पहल को दहीहंडी समारोह तक भी बढ़ाया गया. पुनीत बालन ग्रुप और सहभागी गणेश मंडलों द्वारा आयोजित कार्यक्रम में डीजे की जगह पारंपरिक ढोल-ताशा, बैंड और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को प्राथमिकता दी गई.
इस वर्ष 200 से अधिक मंडलों के ‘डीजेमुक्त अभियान’ से जुड़ने के बाद पुणे में गणेशोत्सव की परंपरा, सांस्कृतिक संगीत और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के बीच संतुलन को लेकर चल रही बहस को नया आयाम मिलने की संभावना है.
