Pune PMC News | नदी किनारे के पुराने बांध पुणे महापालिका हटाएगी; बाढ़ की स्थिति से बचने के लिए उपायों पर जोर

Pune PMC News | 16 corporators from 32 villages included in the Municipal Corporation! Corporators and political parties will have an opportunity to ensure balanced development of villages; Will 'villagers' get an opportunity in important positions?

पुणे : Pune PMC News | बारिश में खडकवासला डैम से पानी छोड़े जाने के बाद सिंहगढ़ रोड परिसर के साथ शहर में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई थी. नदी का पानी नागरिकों के घरों में घुस गया था. नागरिकों का संसार पानी में बह गया था. नागरिकों का लाखों रुपए का नुकसान हुआ. साथ ही डेक्कन का भाग, खिलारे बस्ती, पाटिल इस्टेट परिसर में भी बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई थी. इस बीच अब बाढ़ की स्थिति पर नियंत्रण के लिए पुणे महापालिका नदी किनारे के पुराने बांध हटाए जाने की जानकारी सामने आई है.

शहर के नदी किनारे कई जगहों पर पुराने, समय समाप्त हो चुके बांध है. अब इसका इस्तेमाल नहीं होता है. इसलिए गाल जमा होने से डैम से पानी छोड़ने के कारण बाढ़ की स्थिति पैदा होती है. इसलिए पालिका यह बांध हटा देगी. शहर से होकर बहने वाली मुला-मुठा नदी में वृद्धेश्वर सिद्धेश्वर घाट, डेंगले पूल, शिवणे, खडकी, सांगवी आदि जगहों पर पुराने बांध है. उनका अब किसी भी तरह का इस्तेमाल नहीं होता है या उनकी उपयुक्तता समाप्त हो चुकी है.

लेकिन इसकी वजह से कीचड़ जमा रहता है. डैम से पानी छोड़े जाने के बाद पानी के प्रवाह में इसकी वजह से अड़चन पैदा होती है. इस वजह से इन बांधों को बनानी वाली संस्थाओं से पत्र व्यवहार कर जल संसाधन विभाग से चर्चा कर मनपा खुद के खर्च पर ये बांध हटाएगी. इसके अलावा पानी के प्रवाह में रुकावट बनने वाले नदी किनारे के झाड़ियां भी हटाए जाएगी. इस संदर्भ में जल संसाधन विभाग से चर्चा की जाएगी. यह जानकारी महापालिका के अतिरिक्त आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी. ने दी है.

तालाबों से कीचड़ निकालने के संदर्भ में महापालिका के अतिरिक्त आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी. ने कहा कि कात्रज, जांभुलवाडी और पाषाण इन तीनों तालाब का कीचड़ निकालने के लिए टेंडर प्रक्रिया के बाद कार्यादेश जारी कर प्रक्रिया शुरू की गई है. शहर के ड्रेनेज वाटर पाइपलाइन की देखभाल दुरुस्ती की समीक्षा की गई.

कुछ प्रभाग में कम तो कुछ प्रभाग में अधिक काम होने की बात सामने आई है. लेकिन न्यूनतम आवश्यक काम की संख्या निश्चित कर दी गई है. कितना काम होना आवश्यक है. इसके निर्देश सभी अधिकारियों को दिए गए है. नालों को जोड़ने वाली मानसून पाइपलाइन, टूटे हुए चेंबर की दुरुस्ती की जा रही है.

You may have missed